कौशल शिक्षा
व्यक्तिगत विकास और सशक्तिकरण को बढ़ाने के लिए एक क्षेत्र प्रदान किया जाना प्रत्येक बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण है। इस दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के साथ तालमेल रखते हुए, छठी से आठवीं कक्षा के छात्रों के लिए कौशल विकास कक्षाएं आयोजित की गईं। कार्यक्रम का उद्देश्य व्यावहारिक कौशल प्रदान करना था जो न केवल रचनात्मकता को बढ़ाता है बल्कि पारंपरिक शिल्प कौशल के संरक्षण में भी योगदान देता है। ऐसी ही एक कौशल विकास कक्षा में आभूषण , खिलौने बनाने की कला पर प्रशिक्षण दिया गया। इसका उद्देश्य छात्रों को मोतियों , कपडे एवं अन्य वस्तुओं का उपयोग करके खिलौने बनाने की पुरानी कला से परिचित कराना था, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत में गहराई से निहित एक कौशल है। हमारा विद्यालय छात्रों को भविष्य के लिए तैयार कौशल से लैस करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें कक्षा 8 से लेकर 10 तक के छात्रों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी शामिल है।